नर्मदारंगम राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2025 का भव्य समापन, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित दशम वर्ष के महोत्सव में नृत्य, नाटक और साहित्य का संगम
राजेंद्र धाकड़ जिला ब्यूरो चीफ नर्मदापुरम
नर्मदापुरम/ संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से तथा साथी जनशिक्षण एवं संस्कृति समिति, नर्मदापुरम द्वारा आयोजित नर्मदारंगम राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2025 का तीसरे एवं अंतिम दिन रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ भव्य समापन हुआ। यह महोत्सव अपने दशम वर्ष में दर्शकों के लिए कला, संस्कृति और रंगमंच का यादगार उत्सव साबित हुआ।
महोत्सव के अंतिम दिन पूर्वरंग में त्रिदेवाशीष नृत्य एवं नाट्य अकादमी, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) की कलाकार योगिता त्रिपाठी एवं प्रगति तिवारी ने कथक नृत्य में शिव वंदना की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके उपरांत अवंतिका शर्मा, दीप्ति मिश्रा, मालसी बेमसा, योगिता त्रिपाठी, निकिता गोस्वामी, तनुजा ओली सनवाल, प्रगति तिवारी एवं नीलम जोशी द्वारा उत्तराखंड लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. आशीष कुमार खापरे द्वारा लिखित पुस्तक “आंचलिक उपन्यास: समाज, संस्कृति और प्रकृति परिदृश्य” का विमोचन किया गया। वहीं वरिष्ठ कवि श्री प्रदीप दुबे ‘दीप’ ने काव्य पाठ कर साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया।
इसके पश्चात नाटक “मजनू लाउंसमेंट” का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक की कहानी तारा पांचाल द्वारा लिखी गई, संगीत विकास सिरमोलिया का रहा तथा नाट्य रूपांतरण, गीत व निर्देशन श्री कुलदीप कुणाल ने किया। मार्गदर्शन श्रीमती प्रीति झा तिवारी का रहा। यह प्रस्तुति द राइजिंग सोसाइटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर, भोपाल (म.प्र.) द्वारा दी गई।
नाटक में लोकेंद्र प्रताप सिंह, निर्मल तिवारी, प्रीति झा तिवारी, प्रखर सक्सेना, प्रदीप डोंगरे, रजनीश, काव्य, रचित सक्सेना, आरंभ तिवारी, पूजा सूर्यवशी, अखिलेश वर्मा, संदीप पाटिल, नम्रता सहित अनेक कलाकारों ने सशक्त अभिनय किया। मंच व्यवस्था, प्रकाश, रूप-सज्जा एवं वेशभूषा में सहयोगी टीम का योगदान सराहनीय रहा।
महोत्सव के समापन अवसर पर सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती स्वर्णलता छेनिया ने किया। समारोह के संस्थापक एवं निदेशक रत्नेश साहू ने सभी कलाकारों, अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह, अखिलेश भार्गव, असमादित्य तिवारी, अभिषेक अहिरवार, डॉ. नमन तिवारी, कमलेश सक्सेना, संजय श्रोतिय, प्रेम मंगरोल, विजय पालीवाल,रीतेश राजपूत, ब्रजेश शर्मा एवं शिवांशु मिश्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
नर्मदापुरम/ संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से तथा साथी जनशिक्षण एवं संस्कृति समिति, नर्मदापुरम द्वारा आयोजित नर्मदारंगम राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2025 का तीसरे एवं अंतिम दिन रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ भव्य समापन हुआ। यह महोत्सव अपने दशम वर्ष में दर्शकों के लिए कला, संस्कृति और रंगमंच का यादगार उत्सव साबित हुआ।
महोत्सव के अंतिम दिन पूर्वरंग में त्रिदेवाशीष नृत्य एवं नाट्य अकादमी, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) की कलाकार योगिता त्रिपाठी एवं प्रगति तिवारी ने कथक नृत्य में शिव वंदना की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके उपरांत अवंतिका शर्मा, दीप्ति मिश्रा, मालसी बेमसा, योगिता त्रिपाठी, निकिता गोस्वामी, तनुजा ओली सनवाल, प्रगति तिवारी एवं नीलम जोशी द्वारा उत्तराखंड लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. आशीष कुमार खापरे द्वारा लिखित पुस्तक “आंचलिक उपन्यास: समाज, संस्कृति और प्रकृति परिदृश्य” का विमोचन किया गया। वहीं वरिष्ठ कवि श्री प्रदीप दुबे ‘दीप’ ने काव्य पाठ कर साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया।
इसके पश्चात नाटक “मजनू लाउंसमेंट” का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक की कहानी तारा पांचाल द्वारा लिखी गई, संगीत विकास सिरमोलिया का रहा तथा नाट्य रूपांतरण, गीत व निर्देशन श्री कुलदीप कुणाल ने किया। मार्गदर्शन श्रीमती प्रीति झा तिवारी का रहा। यह प्रस्तुति द राइजिंग सोसाइटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर, भोपाल (म.प्र.) द्वारा दी गई।
नाटक में लोकेंद्र प्रताप सिंह, निर्मल तिवारी, प्रीति झा तिवारी, प्रखर सक्सेना, प्रदीप डोंगरे, रजनीश, काव्य, रचित सक्सेना, आरंभ तिवारी, पूजा सूर्यवशी, अखिलेश वर्मा, संदीप पाटिल, नम्रता सहित अनेक कलाकारों ने सशक्त अभिनय किया। मंच व्यवस्था, प्रकाश, रूप-सज्जा एवं वेशभूषा में सहयोगी टीम का योगदान सराहनीय रहा।
महोत्सव के समापन अवसर पर सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती स्वर्णलता छेनिया ने किया। समारोह के संस्थापक एवं निदेशक रत्नेश साहू ने सभी कलाकारों, अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह, अखिलेश भार्गव, असमादित्य तिवारी, अभिषेक अहिरवार, डॉ. नमन तिवारी, कमलेश सक्सेना, संजय श्रोतिय, प्रेम मंगरोल, विजय पालीवाल,रीतेश राजपूत, ब्रजेश शर्मा एवं शिवांशु मिश्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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