केशव साहू
भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ के द्वारा कंपनी में 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों- कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, संविदा मानदेय में वृद्धि, फ्रिंज बेनिफिट के तहत नियमित/ पेंशनर अधिकारियों – कर्मचारियों को बिजली बिल में देय छूट को बंद करने और कर्मचारी हितैषी अन्य महत्वपूर्ण मांगों के प्रतिपूर्ति हेतु अनावश्यक लेट लतीफी और वादाखिलाफी के विरोध में 15 दिसंबर को प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों के कार्यपालक निदेशकों/मुख्य अभियंता को चेयरमैन के नाम से ज्ञापन देते हुए 31 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल की चेतावनी दी थी। विद्युत प्रबंधन के द्वारा उदासीनतापूर्ण रवैया दिखाते हुए अभी तक किसी प्रकार का सकारात्मक आदेश जारी नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष/सचिव के द्वारा बताया गया कि विद्युत प्रबंधन के इस अड़ियल रवैया और वादाखिलाफी के विरोध में महासंघ के कर्मचारियों द्वारा द्वितीय चरण के तहत 01 जनवरी से 11 जनवरी तक सभी कार्यालयों में “वर्क टू रूल” के तहत कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
कर्मचारी हितैषी महत्वपूर्ण मांगों पर महासंघ एवं विद्युत प्रबंधन के बीच विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों पर बनी सहमति और लिखित आश्वाशन के अनुसार यदि कंपनी प्रबंधन के द्वारा शीघ्र आदेश जारी नहीं किया जाता है तो 11फरवरी से महासंघ अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन पर जाने बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।