फतेहगंज पश्चिमी।
कस्बे के न्यू लाइफ लाइन निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई महिला की मौत का मामला एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट न आने के कारण पुलिस अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कर सकी है। वहीं क्षेत्र में चर्चा है कि आरोपी डॉक्टर के प्रभाव के चलते पीड़ित परिवार भी अब खुलकर कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा है।
गांव ठिरिया खेतल निवासी 30 वर्षीय राजकुमारी को 7 जून को प्रसव के लिए न्यू लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे बरेली रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले की भनक लगते ही अस्पताल संचालक अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गया था।
घटना के बाद खिरका सीएचसी प्रभारी डॉ. संचित शर्मा ने अस्पताल पर चिकित्सा कार्यों पर रोक का नोटिस चस्पा कराया था। साथ ही अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए दूसरा नोटिस भी जारी किया गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद सीएमओ कार्यालय से जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन सात दिन बीतने के बावजूद रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. संचित शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार से संपर्क करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एएनएम को भेजा गया था, लेकिन परिजन उनके पास नहीं पहुंचे। इससे लग रहा है कि परिवार फिलहाल मामले को आगे बढ़ाने में सक्रिय नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल संचालक ने अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए संपर्क किया है और उसे सीएमओ कार्यालय में दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट मिलते ही मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल एफआईआर जांच रिपोर्ट के अभाव में अटकी हुई है।
सवाल यह है कि प्रसूता की मौत के इतने गंभीर मामले में जांच रिपोर्ट आने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? यही सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली