सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आगामी 22 फरवरी 2026 को जनपद में एक विशाल ‘मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की तैयारियों और व्यापक प्रचार-प्रसार के संबंध में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) पप्पू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इस दौरान सचिव, विधिक सेवा प्राधिकार ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है।इसका प्राथमिक लक्ष्य समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है।
कौन होंगे पात्र?
शिविर के माध्यम से निम्नलिखित श्रेणियों के लोग विधिक सहायता के लिए पात्र होंगे:
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य।
मानव तस्करी या बेगार से पीड़ित व्यक्ति।
महिलाएं और बच्चे।
दिव्यांग व्यक्ति (अंधापन, कुष्ठ रोग, मानसिक कमजोरी आदि से ग्रस्त)।
सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, बाढ़ या औद्योगिक आपदा से प्रभावित व्यक्ति।
औद्योगिक कामगार।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति या किशोर अपचारी।
ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 3,00,000 रुपये से कम है।
किन मामलों में मिलेगी सहायता?
विधिक सहायता दीवानी (संपत्ति विवाद, वैवाहिक मामले), श्रम एवं सेवा कानून, वाहन दुर्घटना मुआवजा, उपभोक्ता विवाद और सभी शमनीय दाण्डिक अपराधों में प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, भारतीय संविधान द्वारा गारंटीशुदा मूल अधिकारों के अतिक्रमण से संबंधित मामलों में भी सहायता दी जाएगी।
प्रमुख सरकारी विभागों की सहभागिता
शिविर में केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सहायता भी उपलब्ध होगी। सचिव पप्पू कुमार सिंह ने जानकारी दी कि: स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और राजस्व विभाग सहित 43 से अधिक विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे।
साथ ही मौके पर ही लाभार्थियों के आवेदन प्राप्त कर उनके दस्तावेजी कमियों को दूर किया जाएगा।
उदाहरण स्वरूप, यदि किसी को जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है, तो संबंधित विभाग के स्टॉल पर पंजीकरण कराकर तत्काल लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।
स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) की भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका रहेगी।
जेल में बंद बंदियों के लिए विशेष पहल
प्रेस वार्ता के दौरान सचिव महोदय ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण नियमित रूप से जेलों का निरीक्षण करता है। ऐसे बंदी जिनके पास अपना पक्ष रखने के लिए वकील करने के संसाधन नहीं हैं, उन्हें प्राधिकरण की ओर से सरकारी वकील (Advocates) उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि उन्हें उचित न्याय मिल सके।
प्राधिकरण सचिव ने पत्रकारों और आम जनमानस से अपील की है कि इस जनोपयोगी कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं, ताकि जनपद का कोई भी पात्र व्यक्ति इस अवसर से वंचित न रहे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़