केशव साहू जिला ब्यूरो
आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंक खाताओं के माध्यम से बेईमानी से प्रवंचना कर सायबर धोखाधड़ी कर
राशि प्राप्त करने के लालच में किया गया कृत्य।
नाम आरोपीगण :-
01. लिकेश साहू पिता परमानंद साहू उम्र 22 वर्ष साकिन पटपर तहसील डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव (छ0ग0)
02. चन्दूलाल क्षत्रीय पिता धनसाय क्षत्रीय उम्र 55 वर्ष साकिन बसंतपुर वार्ड नं. 46 थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव (छ0ग0)
वर्तमान में बढ़ रहे सायबर अपराधों में म्यूल बैंक एकाउण्ट के उपयोग को देखते हुए कड़ी कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा (भा0पु0से0) के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर (रा0पु0से0) तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजनादगांव अलेक्जेण्डर किरों (रा0पु0से0) के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम थाना प्रभारी कोतवाली एवं प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक श्री विनय कुमार पम्मारके नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की पता तलाश करने हेतु टीम गठित किया गया।
मामले का विवरण इस प्रकार है कि साईबर सेल राजनांदगांव प्रभारी के द्वारा एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि पुलिस मुख्यालय रायपुर का ईमेल आईडी कीतनअ.हनचजं0/बह.हवअ.पद से प्राप्त जानकारी एवं भारत सरकार गृह मंत्रालय के द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र के समन्वय पोर्टल जो पुलिस के लिए अनुसंधान प्रयोजन में साईबर अपराध से संबंधित जानकारी साझा करने प्रशस्त मार्ग दर्शक में ऐसे म्यूल बैंक अकांउट जिसका इस्तेमाल साईबर अपराध धोखाधडी से प्राप्त राशि का व्ययन करने, उपयोग करने व संर्वधन करने के लिए उपयोग में लाया गया के संबंध में समन्वय पोर्टल से जानकारी एकत्रित कि गई जिसमे पाया गया कि दिनांक 01.01.2024 से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 09 बैंकों के खाता नंबरों में 6,86,860 रूपये का सायबर अपराध धोखाधडी कर जमा होना पाया गया। साइबर अपराध धोखाधडी से प्राप्त राशि धन का उपयोग बैंक खाता धारको एवं खाता संवर्धक के द्वारा किया गया है उक्त धनराशि की प्राप्ति हेतु खाता खुलवाने व सहायता पहुचाने वाले धारक/संवर्धक के द्वारा साधारणतः उक्त कार्य मे अग्रसर रहकर अवैध धन जो साइबर धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को यह जानते हुए कि वह संम्पत्ति बेईमानी व किसी प्रवंचनापूर्ण उपायो द्वारा प्राप्त कि गई है ऐसे संपत्ति को अभ्यासतः प्राप्त करते हुए और छिपाने मे या व्ययनित करने मे यह विश्वास करने का कारण रखते हुए संपत्ति का संवर्धन करना पाया गया है कि रिपोर्ट पर अपराध क्र0 110/25 धारा 317 (2), 317 (4), 317(5), 3 (5) 111 भारतीय न्याय संहिता कायम कर विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान आरोपीयो के बैक स्टेमेंन्ट प्राप्त किया गया है। आरोपियान (1) मोह0 सलीम पिता अब्दुल सत्तार उम्र 24 वर्ष साकिन खजरी थाना घुमका जिला राजनांदगांव (छ0ग0) (2) शिवा डेविड पिता रवि डेविड उम्र 33 वर्ष साकिन संजय नगर वार्ड नं. 05 थाना सुपेला जिला दुर्ग (छ0ग0) पूर्व में विधिवत गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण के फरार आरोपी के पतासाजी के दौरान आरोपी 01. लिकेश साहू पिता परमानंद साहू उम्र 22 वर्ष साकिन पटपर तहसील डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव 02. चन्दूलाल क्षत्रीय पिता धनसाय क्षत्रीय उम्र 55 वर्ष साकिन बसंतपुर वार्ड नं. 46 थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव (छ0ग0) की पतासाजी कर हिरासत में लेकर पूछताछ पर जुर्म स्वीकार करने को विधिवत गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर माननीलय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक नंदकिशोर, प्र0आर0 शम्भूनाथ द्विवेदी, एवं थाना स्टॉफ की अहम भूमिका रही।
‘‘म्यूल अकाउंट’’ आमतौर पर धोखाधड़ी और साइबर क्राइम से संबंधित उपयोग किया जाने वाला शब्द है। यह ऐसे बैंक अकाउंट है जिसका उपयोग अपराधी अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए करते हैं।
कैसे काम करता है म्यूल अकाउंटः
1. अपराधी किसी व्यक्ति को टारगेट करते हैं, जो जानबूझकर या अनजाने में अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।
2. अपराधी उस अकाउंट का उपयोग करके धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को ट्रांसफर करते हैं।
3. पैसे को कई अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जाता है ताकि इसे ट्रैक करना मुश्किल हो। म्यूल अकाउंट बनने वाले व्यक्ति कौन हो सकते हैं?
1. ऐसे लोग जिन्हें इसकी जानकारी नहीं होती कि उनके अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
2. आर्थिक रूप से कमजोर लोग, जिन्हें लालच देकर फंसाया जाता है।
3. कभी-कभी लोग जानबूझकर भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं और अपराधियों की मदद करते हैं।
इससे बचने के तरीकेः
1. अनजान लोगों को अपना अकाउंट विवरण न दें।
2.कोई भी संदिग्ध ऑफर या बड़ी रकम का लालच न लें।
3.अपने बैंक अकाउंट की नियमित जांच करें।
4.अगर कोई ऐसा प्रस्ताव मिले, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
म्यूल अकाउंट का उपयोग गैरकानूनी होता है, और इसमें शामिल होना या मदद करना भी अपराध है।
राजनांदगांव पुलिस की अपील –
आम जनता से अपील है कि किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाईल सिम, चेकबुक, एटीएम कार्ड ना देवें। आरोपियों द्वारा इसका उपयोग सायबर ठगी करने के उपयोग में करते हैं। खाता धारक अपने बैंक खाता को किराये पर देने, कमीशन पर देने और बेचने का काम करते हैं इन बैंक खातों को म्यूल एकाउण्ट कहा जाता है। सायबर ठगों द्वारा इसका उपयोग कर अपने देश में और दूर देशों में बैठ कर गेमिग एप्प, गेम्बलिंग एप्प, फर्जी ट्रेडिंग एप्प, सेक्सट्रासन, डिजिटल एरेस्ट एवं विभिन्न प्रकार के सायबर ठगी का काम कर करोड़ों रूपये लोगों से ठगते हैं। जिनके नाम से यह बैंक खाता है वह भी सायबर ठगी के अपराधी हैं, इस लिये ऐसे किट/म्यूल एकाउण्ट देने वाले खाताधारक व देश/विदेशों में इन म्यूल एकाउण्ट को प्रोवाईड कराने वालों के विरूद्ध भी अपराध पंजीबद्ध होगा और वे जेल जाने के भागीदार होंगे। इस लिए पुनः लोगों से अपील है कि किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाईल सिम, चेकबुक, एटीएम कार्ड किसी को ना दें।