शिवपुरी- जिले में गेहूं एवं अन्य रबी फसलों की कटाई का कार्य आगामी दिनों में प्रारंभ होने जा रहा है। कुछ कृषकों द्वारा गेहूं फसल की कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से कराई जाती है तथा कटाई उपरांत शेष नरवाई में आग लगा दी जाती है, जिससे वातावरण प्रदूषित होता है, आगजनी से फसलों एवं जान-माल की हानि की संभावना रहती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति एवं लाभदायक मित्र कीट नष्ट होते हैं।
कलेक्टर के आदेशानुसार जिले में नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। बिना भूसा बनाने वाली मशीन (स्ट्रारीपर) के कम्बाइन हार्वेस्टर से गेहूं फसल की कटाई करने वाले संचालकों/मालिकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जिस कृषक द्वारा खेत में नरवाई जलाई जाएगी, उस पर 2,500 रुपये से 15,000 रुपये तक अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाएगा।कृषि वैज्ञानिक डॉ.पुनीत राठौर, डॉ.एम.के.भार्गव एवं उप संचालक कृषि पान सिंह करौरिया ने जायद में मूंग के स्थान पर उड़द फसल का बढ़ावा देने के लिए किसानों को गांव-गांव जाकर किसानों को समझाइस दी। सहायक कृषि यंत्री श्री भगवान सिंह नरवरिया एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा गत दिवस ग्राम भडोता, चकरा, देहरदा गणेश, खैराई, पचावला, बीजरी सहित अन्य ग्रामों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित की गईं। कृषकों को नरवाई न जलाने हेतु समझाइश दी गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन ग्रामों में चौपाल एवं बैठकों के माध्यम से कृषकों को नरवाई न जलाने तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द फसल लेने की सलाह दी जा रही है।