झाकिर झंकार आहवा
अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार न करने वाले डांग के राजाओं की वीरगाथा का उल्लेख करते हुए डांग जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयरामभाई गामित सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने आहवा में आयोजित ऐतिहासिक ‘डांग दरबार’ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
आदिवासी समाज की जीवनशैली, उनका प्रकृति प्रेम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने और अनुभव करने का अनमोल अवसर प्रदान करने वाले ‘डांग दरबार’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री गामित ने कहा कि डांग के राजाओं और रियासतों की मातृभूमि के प्रति अद्वितीय देशभक्ति हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। इस ऐतिहासिक महोत्सव के माध्यम से देश की वीरता, शौर्यगाथा और आदिवासी गौरव को जानने का अवसर मिलता है।
अपने संबोधन में मंत्री श्री गामित ने ‘डांग दरबार’ के इतिहास का वर्णन करते हुए डांग के राजाओं को दी जाने वाली सालियाना सम्मान राशि की ऐतिहासिक परंपरा की जानकारी दी। उन्होंने मेले में प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई बुनियादी सुविधाओं का भी उल्लेख किया।
परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम में राज्यपाल की उपस्थिति रहती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2 मार्च को राज्यपाल आहवा पधारकर रंग उपवन के मंच से पुनः राजवी परिवारों का सम्मान करेंगे।
डांग जिले के राजाओं की सादगीपूर्ण जीवनशैली और उनकी गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उद्घाटन समारोह के दौरान राजवी परिवारों का पारंपरिक सम्मान किया गया। इसके प्रत्युत्तर में राजवी परिवारों ने डांग क्षेत्र की समस्त प्रजा की ओर से गणमान्य अतिथियों को धनुष-बाण भेंट कर अभिवादन किया। उन्हें पारंपरिक रूप से पान-सुपारी, शाल और स्मृति-चिह्न भी अर्पित किए गए।
लोकसभा के नायब दंडक एवं वलसाड-डांग के सांसद श्री धवलभाई पटेल ने अपने संबोधन में डांग सहित राज्य और देश के विकास की गति पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में ‘डांग दरबार’ को और अधिक गरिमामय बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन और ‘अतुल्य भारत’ की अवधारणा का भी उल्लेख किया।
गुजरात विधानसभा के नायब मुख्य दंडक एवं डांग के विधायक श्री विजयभाई पटेल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण डांग जिला विकास के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने विशेष रूप से जिले की जल समस्या के स्थायी समाधान हेतु विचाराधीन संभावित परियोजनाओं की जानकारी दी।
राजवी परिवार की ओर से वासुर्णा के राजवी श्री धनराजसिंह सूर्यवंशी ने अपने संबोधन में वन एवं पर्यावरण संरक्षण की अपील की तथा सभी को होली-धुलेटी (सिमगा उत्सव) की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर सुश्री शालिनी दुहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए होली-धुलेटी पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को डांग की सांस्कृतिक झलक देखने का अवसर मिला, जिसमें पारंपरिक डांगी नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
उद्घाटन समारोह से पूर्व डांग जिले की ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार पूर्व राजाओं की भव्य शोभायात्रा जिला सेवा सदन से निकाली गई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। सुसज्जित बग्घियों में सवार राजवी परिवारों ने नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया।
आहवा के रंग उपवन में आयोजित ‘डांग दरबार’ के उद्घाटन समारोह का आभार प्रदर्शन जिला विकास अधिकारी श्री के.एस. वसावा ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री विजयभाई खांभू एवं उनकी टीम ने किया।
उल्लेखनीय है कि ‘डांग दरबार’ के इस ऐतिहासिक अवसर पर राजवी परिवारों, नायकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निर्मलाबेन गाइन, विभिन्न तालुका पंचायत अध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री किशोरभाई गावित, गुजरात प्रदेश समस्त आदिवासी समाज के अध्यक्ष डॉ. प्रदीपभाई गरासिया, जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री पूजा यादव, परियोजना प्रशासक श्री आनंद पाटील, उत्तर वन विभाग के उप वन संरक्षक श्री मुरारीलाल मीणा एवं श्री धीरज कुमार, अपर कलेक्टर श्री एस.डी. तबीयर, प्रांत अधिकारी सुश्री काजल आंबलिया, दक्षिण गुजरात ज़ोन के संयुक्त सूचना निदेशक श्री अरविंद मछार सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।