फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। सनातन धर्म के नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन कस्बे सहित ग्रामीण अंचलों में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
कस्बे के प्रसिद्ध मां बगिया वाली काली माता मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली, नारियल और चुनरी लेकर मां के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर “जय माता दी” के उद्घोष से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
वहीं, घर-घर में भी विधि-विधान से मां दुर्गा की स्थापना की गई। महिलाओं और पुरुषों ने श्रद्धा भाव से कलश स्थापना कर नौ दिनों तक व्रत और उपासना का संकल्प लिया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।
नव संवत्सर और नवरात्रि के इस शुभारंभ ने क्षेत्र में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उल्लास का संचार किया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां की आराधना से सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। तथा समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली