फतेहगंज पश्चिमी। रविवार को आयोजित एक सभा में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके पगचिह्नों पर चलने और उनके साहस व बलिदान से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोधी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम राजपूत और विधायक डीसी वर्मा मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई समाज की महान नायिका थीं, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ डटकर संघर्ष किया। मध्यप्रदेश में जन्मी अवंतीबाई बचपन से ही घुड़सवारी और तीरंदाजी में निपुण थीं।
बताया गया कि पति राजा विक्रमादित्य की मृत्यु के बाद उन्होंने रायगढ़ की बागडोर संभाली और ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कई बार अंग्रेजी फौज को परास्त किया और आसपास के राजाओं को भी एकजुट किया। वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 मार्च 1858 को जब वे चारों ओर से घिर गईं, तो उन्होंने अंग्रेजों के हाथों पड़ने के बजाय अपनी तलवार से स्वयं बलिदान देना स्वीकार किया।
सभा में मौजूद लोगों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को वीरांगना अवंतीबाई की गाथा सुनाएं और उनमें देशभक्ति व साहस की भावना विकसित करें।
कार्यक्रम का संचालन गंगा सहाय राजपूत ने किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोतीराम वर्मा, नेतराम वर्मा, सुंदर राजपूत, वीरपाल सिंह लोधी सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली