दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
लोक आस्था के महापर्व चैती छठ का दूसरा दिन सोमवार को खरना के रूप में बड़े श्रद्धाभाव से मनाया गया।कस्बा स्थित प्राचीन शिवाजी तालाब पर दर्जनों महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रतियों ने पूर्ण निष्ठा के साथ सूर्य देव की आराधना की ।
शिवाजी तालाब स्थित शिव मंदिर के पुरोहित रुद्रशंकर पांडे ने बताया कि यह चार दिवसीय पर्व चैत्र शुक्ल चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि यह पूजा कार्तिक छठ की तर्ज पर होती है, जिसमें नहाय-खाय, खरना और अर्घ्य प्रमुख चरण हैं।इस पर्व को भी विशेष उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया जाता है।
पहले दिन 22 मार्च को नहाय-खाय के अवसर पर व्रतियों ने गुड़-चावल से बने शुद्ध भोजन का सेवन किया ।आज सोमवार शाम को प्रसाद ग्रहण और वितरण के बाद 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत प्रारंभ हो जाएगा। कल 24 मार्च को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा।
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है।