सहारनपुर- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सशक्त पैरवी के चलते गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-05), सहारनपुर की अदालत ने गुरुवार को अभियुक्त साहिद पुत्र सुक्का दर्जी, निवासी मंडावली थाना कोतवाली नगर जिला बिजनौर (हाल पता मोहल्ला खानआलमपुरा, थाना जनकपुरी, सहारनपुर) को दोषी पाते हुए 2 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार, 16 फरवरी 2001 को थाना फतेहपुर में अभियुक्त के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त पर आरोप था कि वह अपने साथियों के साथ संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के उद्देश्य से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। इस मामले की सुनवाई एसटी संख्या-246/2003 के रूप में न्यायालय में विचाराधीन रही। पुलिस की मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। मामले में शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मेघराज सिंह चौहान ने प्रभावी पैरवी की, जबकि विवेचना क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिसोदिया द्वारा की गई। पैरोकार के रूप में कांस्टेबल नितिन नागर का विशेष योगदान रहा।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़