बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में करीब चार माह पूर्व हुए ईओ और भाजपा नेता के विवादित प्रकरण ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर भाजपा नेता आशीष अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
बताया जाता है कि चार माह पूर्व मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारी राहुल गुप्ता की दुकान तोड़े जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इस दौरान ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर और भाजपा नेता आशीष अग्रवाल आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए ईओ की तहरीर पर आशीष अग्रवाल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले को लेकर आशीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित कई उच्च अधिकारियों और मंत्रियों से शिकायत की। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसमें एडीएम प्रशासन, एडीएम न्यायिक और एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा को शामिल किया गया।
जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और स्थानीय नागरिकों से भी जानकारी जुटाई। विस्तृत जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट में दोनों पक्षों के आरोपों को निराधार बताते हुए रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी। बावजूद इसके, मुकदमा निरस्त नहीं किया गया।
अब इस मामले में मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ने दूसरी बार एसएसपी को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर मुकदमा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को इस संबंध में शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल को भी पत्र प्राप्त हुआ है।
मंत्री के इस हस्तक्षेप के बाद मामले ने फिर से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है, वहीं स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली