सहारनपुर
गंगोह।नवीन अनाज मंडी स्थल पर गेंहू की आवक शुरु होने के बावजूद सरकारी क्रय केन्द्रों से किसानों को मायूस लौटना पड रहा है। माउसचर बताकर किसानों के गेंहू नही खरीदे जारहे है। मजबूरन उन्हें एमएसपी के विपरीत आढतियों को औने पौने दामों पर लुटाना पड रहा है। हालांकि मंडी सचिव सोहनवीर सिंह बोली बुलवाकर किसानों के गेंहू बिकवा रहे है। मंडी परिसर में सरकार द्वारा किसानों के गेंहू सरकारी दरों पर खरीदने के लिए विभिन्न एजेन्सियों के चार क्रय केंद्र स्थापित किए गए है। एकमात्र एफसीआई केद्र के 1500 कुन्तल खरीद को छोड अन्य पर तो अभी तक बाहेनी तक नही हो सकी है। जिसके चलते केन्द्र प्रभारियों और किसानों के बीच कहासुनी व गर्मागर्म बहस होने लगी है। नगर के किसान संजय सिंह, राजपाल सिंह, सुशील कुमार दथेडा, राजेंद्र चौसाना और राजपाल शर्मा मछरौली व यासीन जोगीपुरा आदि ने
बताया कि वे लगातार मंडी के चक्कर काट रहे हैं, मगर उनका गेहूं न तौलकर ज्यादा माउसचर व अन्य कमी बताकर उन्हें टालू मिक्सचर दे दिया जाता है। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों से सांठ-गांठ के चलते सरकारी दरों 2585 के विपरीत उन्हें अपना गेंहू 2100 से 2300 में बेचना पड रहा है।
मंडी सचिव सोहनवीर सिंह ने बताया कि मंडी में लगभग 5 हजार कुन्तल गेंहू की खरीद हो चुकी है। मगर नमी 12 के बजाय 15 से उपर होने के कारण क्रय एजेन्सियां खरीद नही कर पा रही। एफसीआई केंद्र प्रभारी आशीष अग्रवाल, मंडी समिति के केंद्र प्रभारी परमेश कुमार और आरएफसी केंद्र प्रभारी नीरज कुमार और रजनीश कुमार ने मानकों के अनुरूप गेहूं की आवक न होने को खरीद शुरू न हाने की बात कही।
हवाओं के साथ होने वाली तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढा दी है। गेंहू में नमी बढने से सरकारी दामों के बजाय उन्हें सस्ते दामों पर गेंहू बेचना पड रहा है। जिससे सरकार की लाभकारी मूल्य देने की योजना बनाई पर पलीता लग रहा है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़