कैमोर – नगर परिषद कैमोर अंतर्गत वार्ड क्रमांक 02 में थ्री आर पार्क के समीप लगी लाखों रुपये की हाईमास्क लाइट को तीन दिन पूर्व एक ओवरलोडेड और तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने ठोकर मारकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। घटना के बाद कैमोर पुलिस ने हाइवा वाहन को अपने कब्जे में लिया था, लेकिन नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक पुलिस थाने में FIR दर्ज नहीं कराई गई।
सूत्रों के अनुसार FIR दर्ज न होने की स्थिति में पुलिस को मजबूरन हाइवा वाहन को छोड़ना पड़ा। इस पूरे मामले को लेकर नगर में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य मार्ग पर लगी यह हाईमास्क लाइट न केवल राहगीरों को रोशनी प्रदान करती थी, बल्कि यह पोल हाईटेक कैमरों से भी लैस था, जिसे नगर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थापित किया गया था। बताया जा रहा है कि इस हाईमास्क लाइट पोल की लागत भी कई लाख रुपये थी।
सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने के बाद भी अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी FIR दर्ज कराने से क्यों बच रहे हैं? क्या किसी दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही है या फिर जनता के पैसों से लगी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने में लापरवाही बरती जा रही है?
फिलहाल नगर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है ।
इंडियन टीवी न्यूज़ कैमोर से श्याम कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।