रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार अब लाड़ली बहनों को सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें कमाई से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। नई योजना के तहत प्रदेश की लाड़ली बहनों को गाय-भैंस पालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और इसकी खरीद का खर्च सरकार उठाएगी।
जानकारी के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत गोवर्धन पूजा से की जा सकती है। हालांकि यह सभी के लिए अनिवार्य नहीं होगी, बल्कि खेती-किसानी या पशुपालन में रुचि रखने वाली बहनों को ही इसमें शामिल किया जाएगा। सरकार का मकसद है कि महिलाएं खुद कमाई का जरिया तैयार करें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें।
फिलहाल राज्य में करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, जिस पर सरकार को करीब 1836 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ रहा है। विपक्ष लगातार इस राशि को 3000 रुपये करने की मांग उठा रहा है, जिस पर सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि भविष्य में इसे बढ़ाया जाएगा।
अब पशुपालन से जोड़ने की इस नई पहल के जरिए सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2026 से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ऐसे और विकल्प भी सामने आ सकते हैं।