यह बहुत ही हृदयविदारक समाचार है। धनराज जोशी के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। एक कलाकार के रूप में और उनके करीबी होने के नाते आपकी पीड़ा को शब्दों में बयान करना मुश्किल है।सादर श्रद्धांजलिसुरों का साथ छूटा, बिछड़ गया संगीत का राही”आज मन अत्यंत भारी है और शब्द मौन हैं। हमारे अत्यंत प्रिय और सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री धनराज जी जोशी अब हमारे बीच नहीं रहे। रात को अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर, सुबह घर लौटते समय काल ने उन्हें हमसे छीन लिया। यह खबर सुनकर विश्वास करना कठिन हो रहा है।सड़क हादसों का भयावह सच:
सिर्फ ७ दिन पहले मैंने खुद मौत को बहुत करीब से देखा था। डूंगरगढ़ जाते समय मेरा भी भयानक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें हम ७ लोग बाल-बाल बचे। शायद माँ भगवती का आशीर्वाद और आप सबकी दुआएँ थीं जो आज मैं आपके सामने खड़ा हूँ। लेकिन आज धनराज जी के साथ हुए इस हादसे ने फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक कलाकार की जिंदगी कितनी अनिश्चित है।रातों को जागकर लोगों को आनंदित करना और फिर नींद की झपकी में सफर करना—सुबह का वह समय हम कलाकारों के लिए अक्सर काल बन जाता है।जीवन की नश्वरता:
हम किस बात का घमंड करते हैं? किस लिए एक-दूसरे से ईर्ष्या, जलन और टांग खिंचाई करते हैं? यह महल, यह गाड़ियाँ और यह दौलत यहीं धरी रह जाएगी। साथ जाएगा तो केवल हमारा अच्छा कर्म, दान-पुण्य और गौ-सेवा।ड्राइवर भाइयों से अपील: आपकी एक नींद की झपकी या लापरवाही न जाने कितने घरों के चिराग बुझा देती है। कृपया संयम और सावधानी से गाड़ी चलाएँ।ईश्वर से प्रार्थना:
प्रभु पुण्य आत्मा धनराज जी जोशी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार को यह अपार कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही, हादसे में घायल हमारे भाई के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।
“आज हैं तो कल का पता नहीं, छोटी सी जिंदगी है, भला करो, बुरा नहीं।”ॐ शांति! सादर श्रद्धांजलि। सुत्रो से मीली जानकारी अनुसार
ईडीयन टीवी न्यूज चैनल जालोर संवादाता जबरसिंह राज़ पुरोहित