फतेहगंज पश्चिमी। गांव कुरतरा में कैंसर का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। महज 15 दिन के भीतर दूसरी आंगनबाड़ी सहायिका की कैंसर से मौत होने के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव में लगातार कैंसर से हो रही मौतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण अब बीमारी के पीछे किसी बड़े कारण की आशंका जता रहे हैं।
गांव कुरतरा निवासी 55 वर्षीय गुलशन गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका के पद पर तैनात थीं। परिजनों के मुताबिक वह पिछले कई महीनों से पेट दर्द और गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। भतीजे आमिर ने बताया कि बरेली के निजी अस्पताल में जांच के बाद उन्हें उत्तराखंड के ऋषिकेश ले जाया गया, जहां जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। कैंसर किडनी, लीवर समेत पूरे पेट में फैल चुका था। हालत बिगड़ने पर एम्स में इलाज चल रहा था, जहां शनिवार सुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के मुताबिक 15 दिन पहले ही गांव के दूसरे आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका हीराकाली की भी कैंसर से मौत हुई थी। इसके अलावा गांव के सफीक सैफी और पुष्पा भारद्वाज समेत कई लोग कैंसर से पीड़ित बताए जा रहे हैं। वहीं बीते दो वर्षों में हरिशंकर गंगवार, 12 वर्षीय भास्कर गंगवार, निसार अहमद, शब्बीर अहमद, रहीस अहमद व उनकी पत्नी, हाजी असगर अली, रहीसन अंसारी, अबरार हुसैन की पत्नी, बेनीराम सागर और शकुंतला समेत कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से गांव में भय और बेचैनी का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही गांव में लगातार कैंसर के मामले सामने आने से लोग सहमे हुए हैं। कई परिवार अपने स्वास्थ्य परीक्षण कराने की तैयारी कर रहे हैं। गांव में पानी और वातावरण की भी जांच कराने की मांग उठने लगी है।
खिरका सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी संचित शर्मा ने बताया कि गांव की एएनएम रबीना गंगवार और चारों आशा वर्करों की टीम को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। कैंसर के संभावित कारणों की जांच कर रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली