सिद्धार्थनगर।
महिला थाना सिद्धार्थनगर में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से तलाक की कगार पर पहुंचे चार परिवारों को पुनः एकजुट कर सराहनीय पहल की गई। लंबे समय से विभिन्न कारणों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव को दूर कर काउंसलिंग के जरिए समझौता कराया गया, जिसके बाद चारों जोड़ों को खुशी-खुशी एक साथ विदा किया गया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के महिला सशक्तिकरण संबंधी निर्देशों के क्रम में की गई। कार्यक्रम का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के कुशल पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने मिशन शक्ति केंद्र में दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और काउंसलिंग टीम की मदद से आपसी विवादों को सुलझाने का प्रयास किया। कई दौर की बातचीत के बाद पति-पत्नी के बीच सहमति बनी और सभी परिवारों ने पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
परिवारों को मिलाने में महिला हेल्प डेस्क की टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। काउंसलिंग टीम में महिला मुख्य आरक्षी आशा गौड़, महिला मुख्य आरक्षी रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, महिला आरक्षी प्रगति राय एवं महिला आरक्षी रीना शामिल रहीं।
समझौते के बाद जिन परिवारों को एक साथ विदा किया गया, उनमें नाजिया पत्नी शाबीर निवासी देवकली जगर गठिया थाना मोहाना, सकीना पत्नी महबूब निवासी सूरजनगर कोतवाली सिद्धार्थनगर, रजनी यादव पत्नी राकेश यादव निवासी गुजरौलिया थाना चिल्हिया तथा अनीता पत्नी आलोक निवासी छितरापार थाना उसका बाजार शामिल हैं।
महिला थाना की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि परिवार परामर्श केंद्र टूटते रिश्तों को बचाने और समाज में पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।
शहजाद आलम जिला संवाददाता सिद्धार्थनगर