फतेहगंज पश्चिमी।
चक्रवाती तूफान ने इलाके की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी। तेज आंधी और बारिश के चलते विद्युत पोल टूट गए और लाइनों पर भारी पेड़ गिरने से करीब 400 गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। पिछले 24 घंटे से अंधेरे में डूबे गांवों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। हालात ऐसे हो गए कि लोग मोबाइल चार्ज करने तक के लिए भटकते नजर आए।
मंगलवार दोपहर आए भीषण तूफान ने विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। तीन नगर पंचायतों समेत सैकड़ों गांवों की सप्लाई एक झटके में बंद हो गई। रात भर लोग उमस और गर्मी में जागने को मजबूर रहे। बिजली न होने से घरों में पंखे-कूलर बंद पड़े रहे, वहीं पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी मोबाइल फोन बंद होने से हुई। कई लोग दुकानों और जनरेटर वाले स्थानों पर मोबाइल चार्ज कराने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे।
हालांकि विद्युत विभाग की टीमों ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया। अथक प्रयासों के बाद तीनों नगर पंचायतों और कुछ गांवों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन अभी भी करीब 300 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।
एसडीओ अंकित द्विवेदी ने बताया कि 33 केवी लाइन को दुरुस्त कर नगर पंचायतों में सप्लाई शुरू करा दी गई है। कई स्थानों पर पूरी लाइन पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए थे, जिन्हें हटाने के लिए वन विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। विद्युत कर्मी दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे हैं। जहां लाइन ठीक होती जा रही है, वहां सप्लाई चालू कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बृहस्पतिवार शाम तक पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।
उधर ग्रामीणों का कहना है कि हर साल तूफान में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा। फिलहाल लोग राहत भरी बिजली का इंतजार कर रहे हैं।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली