फतेहगंज पश्चिमी, बरेली।
रामपुर जिले की नगर पंचायत सैफनी में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। सभासदों की शिकायत के बाद हुई त्रिस्तरीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर शासन ने सैफनी चेयरमैन फैजान खान और तत्कालीन ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर समेत अन्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। शासन की इस कार्रवाई से नगर पंचायतों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत सैफनी के सभासद चंद्रपाल समेत अन्य लोगों ने 19 जनवरी 2026 को मुरादाबाद मंडल आयुक्त से शिकायत कर चेयरमैन फैजान खान और तत्कालीन ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर पर विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं, वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त के निर्देश पर त्रिस्तरीय जांच टीम गठित की गई थी।
सूत्रों के अनुसार टीम ने स्थलीय जांच के दौरान कई बिंदुओं पर शिकायतों को सही पाया। इसके बाद मंडलायुक्त ने 16 फरवरी 2026 को पूरी जांच आख्या शासन को भेज दी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन के विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल ने चेयरमैन फैजान खान, तत्कालीन ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर, लिपिक और अन्य संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
नगर पंचायत गलियारों में चर्चा है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर चेयरमैन फैजान खान के अधिकार सीज होना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर पर निलंबन की तलवार लटक गई है। वर्तमान में पुष्पेंद्र सिंह राठौर फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में तैनात हैं, जहां हाल ही में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर उनका भाजपा नेता आशीष अग्रवाल से विवाद भी चर्चा में रहा था।
शासन स्तर पर मामला विचाराधीन होने से प्रशासनिक हलकों में बेचैनी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। उधर नोटिस जारी होने के बाद सैफनी नगर पंचायत की सियासत भी गरमा गई है।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली