राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
शहर में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ने लगी है। नगर पालिक निगम कटनी ने फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले शैक्षणिक संस्थानों और एक अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 10 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के भाग-4 के तहत कार्रवाई करते हुए 14 शैक्षणिक संस्थानों सहित एक चिकित्सालय पर प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से कुल 9 लाख 97 हजार 500 रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इन संस्थानों में अनिवार्य फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित नहीं पाए गए, साथ ही फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया था।
कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि संबंधित संस्थानों को सात दिवस के भीतर जुर्माना राशि जमा कर एमपी ई-नगरपालिका पोर्टल पर फायर प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन करना अनिवार्य किया गया है। यदि निर्धारित समयसीमा में नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित भवनों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई की जद में आए संस्थानों में विष्णु वेद सरस्वती स्कूल, शासकीय तिलक महाविद्यालय, किड्स केयर स्कूल, अनामिका एकेडमी स्कूल, डायमंड इंग्लिश मीडियम स्कूल, शासकीय कन्या महाविद्यालय, बार्डस्ले सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लाइम सिटी इंटरनेशनल स्कूल, नालंदा पब्लिक स्कूल, लाला मथुरादास शिक्षा समिति, बारडोली महाविद्यालय, कुंदन दास हायर सेकेंडरी स्कूल, कटनी डिग्री कॉलेज, सीक्रेट हार्ट स्कूल और बाबा माधव शाह चिकित्सालय शामिल हैं।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि शासन स्तर से पहले भी कई बार समाचार पत्रों, सूचना पत्रों और अन्य माध्यमों से संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों के पालन के लिए निर्देशित किया जा चुका था, लेकिन अधिकांश संस्थानों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
निगम अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में फायर सेफ्टी व्यवस्था की कमी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में यह अभियान केवल जुर्माने तक सीमित नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षित और जिम्मेदार संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक जरूरी कदम है।