दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
स्थानीय तहसील प्रांगण में श्री रामलीला मंच पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर सोमवार शाम व्यास पीठ पर विराजमान लड्डू गोपाल की आरती के बाद अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक बाल व्यास मानस जी महाराज ने कथा वाचन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन भावविभोर कर दिया। उन्होंने भगवान के गुणगान के साथ भक्तों से कृष्णभक्ति को अपने हृदय में स्थायी रूप से पोषित करने व संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
बाल व्यास मानस जी महाराज ने कहा कि केवल जन्मोत्सव मनाना बड़ी बात नहीं, असली परख तब है जब व्यक्ति कृष्ण के वास्तविक प्राकट्य को समझकर उनकी भक्ति को जीवन में उतारे। उन्होंने बताया कि बच्चों का जन्म आसान है, पर उनकी सेवाभाव से पालन पोषण करना कठिन है। कथा में वेदनीया किस्सों के माध्यम से कृष्ण लीला का श्रवण कराते हुए पूतना वध, यमला-अर्जुन व वृक्षों की मुक्तिकथा जैसे प्रसंगों का वर्णन किया और कहा कि भगवान कितने दयालु व कृपालु हैं।
उन्होंने गौ-पालन, मानव रक्षा और संस्कृति की रक्षा को भी भगवान की लीलाओं के साथ जोड़कर समझाया तथा भक्तों से इन परम मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। मानस जी ने कहा कि भगवान बाहरी दिखावे को हटाकर मनुष्य को सत्य के मार्ग पर ले जाते हैं। इंद्र की पूजा रोककर गोवर्धन पर्वत की रक्षा करने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कृषक और ऋषि से जुड़ने का संदेश दिया तथा बताया कि इसी कारण भगवान को गोवर्धन रूप में प्रकट होना पड़ा।
भक्तों ने गोवर्धनपूजा में छप्पन भोग अर्पित कर मानसिक श्रद्धा व्यक्त की। कथा के दौरान सैकड़ों महिला, पुरुष व बच्चे श्रोताओं ने कथा श्रवण कर सकारात्मक आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे ।