मनोज भट्ट जिला बस्तर छत्तीसगढ़
जगदलपुर जिले में सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर केवल जनसमस्याओं के समाधान और योजनाओं की जानकारी का माध्यम ही नहीं बन रहे हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच भी साबित हो रहे हैं। बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और खानपान को नई पहचान दिलाने में नारी शक्ति महिला समूह बस्तर अहम भूमिका निभा रही है। जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत आयोजित सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचने वाले ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों को यह महिला समूह बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मुहैया करवा रही है। समूह द्वारा रियायती दर पर चाय-नाश्ते के साथ मड़िया पेज, आमट, तिखुर शरबत, उड़द दाल बोबो जैसे स्थानीय व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
विकासखंड मुख्यालय बस्तर के नारी शक्ति महिला समूह की अध्यक्ष रेवती नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के शिविरों में लगातार अच्छी बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि हर शिविर में समूह द्वारा 7 से 8 हजार रुपए से अधिक का विक्रय किया जा रहा है, जिससे उनके समूह की महिलाओं के आय में बढ़ोतरी हुई है।