राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर गरीब परिवार को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। प्रेमनगर और खिरहनी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासों का निर्माण कर हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग नजर आती है।
कई ऐसे पात्र हितग्राही हैं जिन्हें आज तक आवास का लाभ नहीं मिल सका है, जबकि कुछ लोगों को आवास आवंटित होने के बाद भी वर्षों से केवल घर की चाबी ही नसीब हुई है। आवासों में न तो बिजली की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में लाभार्थियों के लिए अपने सपनों के घर में रहना मुश्किल बना हुआ है।
सबसे बड़ी समस्या उन गरीब परिवारों की है जिन्होंने योजना के तहत निर्धारित राशि जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद पिछले आठ वर्षों से नगर निगम के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इन हितग्राहियों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ कागजी कार्रवाई और आश्वासनों में उलझाकर रखा गया है। कार्यालयों के चक्कर काटते-काटते लोग थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक कब पहुंचेगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। हितग्राही अब जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भी उन्हें अपना अधिकार क्यों नहीं मिल पाया।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।