राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के नौवें दिन भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भव्य और भक्तिमय आयोजन किया गया। विवाह उत्सव के दौरान मंदिर परिसर जय-जय जगन्नाथ और राधे-कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
मथुरा की सुप्रसिद्ध कथा व्यास देवी कृष्णा वल्लभा जी ने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि मनुष्य के हाथ तब पवित्र होते हैं जब वे अच्छे कार्यों में लगते हैं और प्रभु का स्मरण करते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे खेत में ताली बजाने से पक्षी उड़ जाते हैं, उसी प्रकार कथा और भजन-कीर्तन में ताली बजाने से जीवन के पाप और नकारात्मकताएं दूर होती हैं। भजनों पर श्रद्धापूर्वक नृत्य करना भी ईश्वर भक्ति का प्रतीक है।
कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर हनुमान कुटीर के प्रमुख सुरेंद्र जी महाराज, नगर निगम कटनी की महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक टंडन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान चिरंजीव यश एवं आयुष सरावगी (यश टायर हाउस, कटनी) द्वारा अपने स्वर्गीय दादा बनवारी लाल सरावगी एवं दादी गायत्री देवी सरावगी की स्मृति में 501 स्टील की थालियां जगन्नाथ रसोई को भेंट की गईं। इस सेवा कार्य की उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना की।
उल्लेखनीय है कि श्री श्री 1008 सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर एवं श्री जगदीश स्वामी मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सहयोग तथा पंडित आनंद जी महाराज के मार्गदर्शन में श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
कथा के समापन पर आरती संपन्न हुई तथा श्री जगदीश स्वामी मंदिर ट्रस्ट कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। ट्रस्ट कमेटी एवं मंदिर प्रबंधन ने सभी धर्मप्रेमियों से प्रतिदिन कथा में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।