राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी
जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाएं देने में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विवाह पंजीयन के आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर पांच पंचायत सचिवों पर कुल 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि उनके वेतन से वसूल कर प्रभावित आवेदकों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा बैठक में समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों पर नाराजगी जताई गई थी। जांच में सामने आया कि पांच पंचायत सचिवों ने जन्म प्रमाण पत्र और विवाह पंजीयन से जुड़े 11 आवेदनों का निर्धारित समय में निराकरण नहीं किया।
प्रशासन द्वारा संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जिला योजना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके ने कार्रवाई करते हुए जुर्माना अधिरोपित किया।
कार्रवाई के तहत ग्राम पंचायत पोंनिया के सचिव हिम्मत सिंह पर 3 हजार रुपये, नदवान की सचिव राजकुमारी चतुर्वेदी पर 5 हजार रुपये, छिहाईपिपरिया के सचिव दीपक कुमार गौतम पर 1 हजार रुपये, बड़वारा के सचिव रंजीत सिंह चौहान पर 7 हजार 500 रुपये तथा इमलाज के सचिव राजकुमार श्रीवास पर 2 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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प्रशासन के अनुसार अधिरोपित राशि संबंधित कर्मचारियों के आगामी वेतन से काटी जाएगी और शासन के निर्धारित मद में जमा कराई जाएगी। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रभावित आवेदकों को प्रतिकार राशि का भुगतान भी किया जाएगा।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।