किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
अब पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाना) अनिवार्य होगा।
सरकार के अनुसार, पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा था, जिससे वितरण प्रक्रिया और सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए ओटीपी आधारित वितरण को सीमित करने का फैसला लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई राशन डीलर 5 प्रतिशत से अधिक राशन ओटीपी के जरिए वितरित करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि बायोमेट्रिक सत्यापन से वास्तविक हितग्राहियों तक राशन की पहुंच सुनिश्चित होगी और फर्जी उठाव की संभावना कम होगी।
हालांकि, विशेष परिस्थितियों जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग या तकनीकी समस्या की स्थिति में आवश्यकतानुसार ओटीपी सुविधा का उपयोग किया जा सकेगा, लेकिन इसकी निर्धारित सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य पीडीएस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है, ताकि खाद्यान्न का लाभ सही पात्र परिवारों तक समय पर पहुंच सके।