कौशिक नाग – कोलकाता बरुईपुर पीड़िता को न्याय देने की उठायी मांग ममता बनर्जी ने बरुईपुर घटना पर कैंडल मार्च निकाला. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बारुईपुर में 11 साल की मासूम की रेप के बाद हत्या कर दी गई. दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद से ही पूरे राज्य में गुस्से का माहौल है. इस मामले ने अब सियासी तूल भी पकड़ लिया है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने इस घटना के बाद मोर्चा खोल लिया है और मौजूदा भाजपा सरकार पर हमलावर होती दिख रही हैं. इस घटना के खिलाफ उन्होंने कोलकाता में कैंडल मार्च भी निकाला. फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते ममता बनर्जी ने बारुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी की घटना पर गहरा दुख जताया. उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद दर्दनाक और अमानवीय बताया. ममता बनर्जी ने कहा कि दुर्गापुर से लेकर बारुईपुर तक इस घटना को लेकर पूरे पश्चिम बंगाल में लोगों में गुस्सा और चिंता है. उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वह पीड़िता के परिवार से मिलने जाना चाहती थीं, लेकिन उनका आरोप है कि भाजपा सरकार की पुलिस और केंद्रीय बलों ने उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया. इसके बाद उन्होंने फोन पर पीड़िता के परिवार से बात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया. ममता बनर्जी ने कहा कि इस जघन्य अपराध के विरोध और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने कालीघाट से सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च शुरू किया. उनका आरोप है कि घर से निकलते ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई की वह कड़ी निंदा करती हैं. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जल्द सुनवाई हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न और अपराध के मामले बढ़े हैं. उनके अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है. ममता बनर्जी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने तक उनकी लड़ाई नहीं रुकेगी.