Home » नवदिवसीय श्रीराम कथा का विश्राम हवन पूर्णाहुति व भण्डारा के साथ समापन हुआ”* *”राजा जब धर्मपारायण होता है तो पूरी प्रजा भी धर्म का अनुपालन करती है।धर्मावलंबियों को सर्वजन हिताय सर्व जन सुखाय की भावना से कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना होगा”:पं.अनिलकृष्ण शास्त्री*

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