215 मामलों का हुआ राजीनामे से निस्तारण; 5.49 करोड़ रुपये से अधिक की अवार्ड राशि पारित
भीलवाड़ा, 18 जुलाई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एनआई एक्ट की धारा 138 (चेक अनादरण) से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण के लिए शनिवार को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में 215 प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 5 करोड़ 49 लाख 84 हजार 677 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। पूरे जिले में 13 लोक अदालत बेंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों एवं अनुभवी अधिवक्ताओं ने पक्षकारों के बीच समझाइश कर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया। भीलवाड़ा मुख्यालय पर आयोजित बेंचों में सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी सी.पी. नाहर, जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-03 पवन कुमार काला, विशिष्ट न्यायाधीश निलेश सिंह चौधरी तथा अधिवक्ता शांति लाल जैन, सुनील पारीक और मोहम्मद अली कायमखानी ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस आयोजन का उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना रहा।
(राहुल शर्मा) की रिपोर्ट