ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय 14 जीटीसी सुबाथू में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत भावनात्मक बुद्धिमत्ता विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन के महत्वपूर्ण कौशल सिखाना था ताकि वे सही निर्णय ले सकें और नशीले पदार्थों के सेवन जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकें।इस सत्र के मुख्य वक्ता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार सोलन के तहसील कल्याण अधिकारी श्री बलबीर एस ठाकुर थे। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री ठाकुर ने बताया कि किस प्रकार उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता तनाव सहपाठियों के दबाव और नकारात्मक प्रभावों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल का काम करती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अपनी भावनाओं को समझदारी से संभालना सीखने से युवा किशोरावस्था की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं सही निर्णय ले सकते हैं और एक स्वस्थ अनुशासित तथा नशा मुक्त जीवन जी सकते हैं। श्री ठाकुर ने दैनिक जीवन में आने वाली मानसिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छात्रों को आत्मसंयम आत्म जागरूकता और आत्मबल विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि कठिन परिस्थितियों में घबराने या भटकने के बजाय धैर्य रखकर निर्णय लेना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को खेलों कला और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं।प्राचार्य श्री योग राज ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें अच्छी आदतें अपनाने अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं के बीच यह महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए नव चेतना संगठन के प्रयासों की भी सराहना की। प्राचार्य जी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त रहना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि विद्यालय सदैव उनके सर्वांगीण विकास और एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इस दिशा में जागरूक करें।यह सत्र बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक रहा जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के व्यावहारिक उपाय सीखे। विद्यार्थियों ने अंत में नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन भूगोल के स्नातकोत्तर शिक्षक सुनील कुमार भाटीवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करने के साथ हुआ।