मूंछ छोटी करने के विवाद में नाई पर जानलेवा हमला, सिर की हड्डियां टूटीं—FIR के 3 महीने बाद भी आरोपी खुलेआम
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण क्षेत्र के हिमायुपुर स्थित ब्राह्मण चौक से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मूंछ छोटी करने को लेकर हुए विवाद में नाई संजय पुत्र कालीचरन के साथ कथित रूप से दीपक और उसके भाई केतन, दोनों पुत्र जगगो, ने मारपीट कर दी। हमले में संजय के सिर में गंभीर चोटें आईं और परिजनों के अनुसार उसे लंबे समय तक अस्पताल में उपचार कराना पड़ा।
घटना 6 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। संजय हिमायुपुर स्थित ब्राह्मण चौक के पास अशोक गर्ग के मकान में किराए पर रहता है और नाई की दुकान चलाता है। आरोप है कि दीपक दुकान पर कटिंग कराने पहुंचा था। मूंछ छोटी होने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और दीपक तथा उसके भाई केतन ने संजय के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
परिजनों का आरोप है कि हमले में संजय के सिर में गंभीर चोटें आईं और हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार के मुताबिक इलाज में काफी धन खर्च हो चुका है और अब आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है।
FIR दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी पर सवाल
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर थाना दक्षिण में FIR संख्या 0595, दिनांक 06 जून 2026 को बीएनएस की धाराओं 115(2), 351(2) और 352 के तहत दीपक एवं केतन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज हुए करीब तीन महीने बीतने के बावजूद दोनों आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और वे खुलेआम घूम रहे हैं।
पीड़ित की पत्नी रुचि का आरोप है कि लगातार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
रुचि ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह बच्चों समेत आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगी। यह चेतावनी बेहद गंभीर है और प्रशासन के लिए तत्काल संज्ञान लेने का विषय है।
सबसे बड़ा सवाल
नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद तीन महीने से कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं? यदि नहीं, तो इसकी वजह क्या है? पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या है?
अब देखना यह है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं या नहीं।
रिपोर्टर अमित पालीवाल
