🚨 BREAKING NEWS | सहारनपुर PNB नकली नोट कांड में NIA का बड़ा एक्शन
💥 ₹17.29 करोड़ की नकली करेंसी का मामला, फरार चल रहा बैंक मैनेजर अमित कुमार गिरफ्तार — करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचने की साजिश की जांच तेज
सहारनपुर। सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट से सामने आए 17.29 करोड़ रुपये मूल्य की नकली करेंसी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे बैंक मैनेजर अमित कुमार को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के मुताबिक अमित कुमार इस मामले में FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है और करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचाने की कथित साजिश में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। यह कार्रवाई RC-02/2026/NIA/LKW मामले के तहत की गई है। NIA ने 7 सितंबर 2026 को अमित कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी जारी की।
मामले की शुरुआत 29 अगस्त 2026 को हुई, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को PNB की करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मौजूद होने की सूचना मिली। जांच और तलाशी के दौरान करेंसी चेस्ट से कथित तौर पर कुल 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने की खबर सामने आते ही बैंकिंग सिस्टम और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
🔴 बैंक के तीन कर्मचारियों पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। मामले में सदर बाजार थाने में FIR संख्या 0431/2026 दर्ज की गई। मुकदमा 29 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता और कथित तौर पर नकली करेंसी के बड़े नेटवर्क की आशंका को देखते हुए जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी तक पहुंची। NIA ने 3 सितंबर 2026 को केस को री-रजिस्टर कर जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद एजेंसी ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए बैंक रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट से संबंधित गतिविधियों और आरोपियों की भूमिका की जांच तेज कर दी।
🚨 फरार था बैंक मैनेजर, अब NIA की गिरफ्त में
जांच के दौरान अमित कुमार का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आने की बात NIA ने कही है। एजेंसी के अनुसार वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसकी तलाश की जा रही थी और अब NIA ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने कई बड़े सवाल हैं—आखिर ₹17.29 करोड़ की नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक पहुंची कैसे? क्या बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया? क्या नकली नोटों की पहचान और सत्यापन के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई? क्या इसमें बैंक के अंदर और बाहर के लोगों का नेटवर्क सक्रिय था?
🔎 NIA खंगाल रही है नकली करेंसी का पूरा नेटवर्क
NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। एजेंसी बैंक कर्मचारियों की कथित भूमिका के साथ-साथ बाहरी लोगों से संभावित संपर्क और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की भी जांच कर रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं नकली नोटों को असली करेंसी के साथ मिलाकर बैंकिंग सिस्टम में खपाने की सुनियोजित कोशिश तो नहीं की गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी की बरामदगी ने इस आशंका को गंभीर बना दिया है कि मामला सिर्फ कुछ नकली नोटों तक सीमित नहीं हो सकता।
अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद NIA को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नकली करेंसी की सप्लाई चेन, बैंक तक पहुंचने के रास्ते और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एजेंसी अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है और संभावित गिरफ्तारियों के लिए कार्रवाई जारी है।
⚠️ सबसे बड़ा सवाल
₹17.29 करोड़ की नकली करेंसी आखिर PNB की करेंसी चेस्ट तक पहुंची कैसे?
क्या यह बैंक के अंदर की मिलीभगत थी?
क्या करेंसी चेस्ट की सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था में सेंध लगी?
क्या कोई बड़ा नकली करेंसी नेटवर्क बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहता था?
और क्या इस पूरे मामले में अभी और बड़े नाम सामने आएंगे?
इन सवालों का जवाब NIA की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से सामने आएगा।
फिलहाल बैंक मैनेजर अमित कुमार की गिरफ्तारी को इस मामले की जांच में बड़ी कड़ी माना जा रहा है। जांच जारी है और एजेंसी नकली करेंसी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
विशेष रिपोर्ट: एलिक सिंह
सहारनपुर