गोण्डा।
कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह को मंगलवार को पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समर्थकों ने इसे तानाशाहीपूर्ण और अलोकतांत्रिक करार दिया है।
योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि कर्नलगंज में बढ़ते जनाधार से सरकार बौखलाई हुई है। आरोप है कि स्थानीय विधायक की शह पर विपक्ष की हर आवाज को दबाया जा रहा है।
पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा – _”सरकार और प्रशासन चाहे जितनी बैरिकेडिंग कर ले, मुझे घर में नजरबंद कर ले, लेकिन गोण्डा में अत्याचार के खिलाफ न्याय दिलाने की हमारी लड़ाई रुकने वाली नहीं है। मैं हर उस पीड़ित के साथ खड़ा हूँ जिसे जिला प्रशासन विधायक की शह पर प्रताड़ित करती है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने के लिए ओछे हथकंडे अपना रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि हाल ही में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के गोण्डा दौरे के दौरान भी यह सवाल उठा था कि भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद सपा के पूर्व मंत्री घटनास्थल तक कैसे पहुंच गए। इसके बाद से ही प्रशासन सतर्क है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ठाकुर, ब्राह्मण, पिछड़ा, हरिजन, अमीर-गरीब सभी वर्ग इस सरकार की तानाशाही से पीड़ित हैं। किसी मासूम को पीटना और फर्जी मुकदमे लिखना आम हो गया है।
समर्थकों ने मांग की है कि प्रशासन संविधान को सर्वोपरि मानकर किसी एक दल और विधायक के इशारे पर काम करना बंद करे और हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई तुरंत वापस ले।
रिपोर्ट श्रीनाथ रस्तोगी जिला स्वादाता गोण्डा
आई टी एन नैशनल