ऊना, 1 अक्टूबर 2026: उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल प्रसिद्ध चिंतपूर्णी मंदिर में गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को माँ चिंतपूर्णी के प्राकृतिक पिंडी स्वरूप के प्रातःकालीन श्रृंगार के अलौकिक दर्शन हुए। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला।
पंडित अमित कालिया जी द्वारा श्रद्धालुओं को माता चिंतपूर्णी के प्रातःकालीन श्रृंगार के दिव्य दर्शन करवाए गए। भक्तों ने माता के पावन स्वरूप के दर्शन कर उनके चरणों में शीश नवाया और अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
माँ चिंतपूर्णी को भक्तों की चिंताओं को हरने वाली और भक्तवत्सल माता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। मान्यता है कि माता के दरबार में श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।
प्रातःकालीन श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। भक्तों ने माता से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर भक्तों की श्रद्धा को इन पंक्तियों में व्यक्त किया गया—
“चरण आपके छू रहा हूं, चिंतपूर्णी मात।
चरणामृत दे दीजिए, हो जग में विख्यात॥”