बारीपदा, 1 अक्टूबर: रक्तदान एक महान एवं पुण्य कार्य है। रक्तदान के माध्यम से कई अमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता एवं जनजागरण फैलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर बारीपदा स्थित ओडिशा ब्लड सेंटर में डॉ. अक्षय महांति ने 44वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। जानकारी के अनुसार, खुंटा थाना क्षेत्र के सुरामणि सिंह नामक सिकल सेल रोगी के लिए रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी मिलने के बाद डॉ. महांति तत्काल रक्त केंद्र पहुंचे और मानवता एवं सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया।डॉ. महांति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा गया कि उनका यह कदम अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। समाज में आज भी रक्तदान को लेकर कुछ भ्रांतियां मौजूद हैं। कई लोगों का मानना है कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है, जबकि यह एक गलत धारणा है। योग्य एवं स्वस्थ व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकते हैं।रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण रक्तदाताओं का योगदान मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक यूनिट रक्त को विभिन्न घटकों में विभाजित कर एक से अधिक मरीजों के उपचार में उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार एक रक्तदाता का योगदान कई लोगों की जान बचाने में सहायक हो सकता है। विशेष रूप से सिकल सेल, थैलेसीमिया, दुर्घटनाग्रस्त एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता होती है।इस अवसर पर 44वीं बार रक्तदान करने वाले डॉ. अक्षय महांति को रक्तदाता सोमनाथ सिंह, अरविंद मुखी एवं हिमांशु शेखर प्रहराज ने उत्तरीय प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही नियमित रूप से रक्तदान करने और अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।रक्त की कमी के कारण किसी भी अमूल्य जीवन को संकट में न पड़ना पड़े, इसके लिए स्वस्थ एवं योग्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।