बारीपदा, मयूरभंज: आदिवासी सामाजिक-शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संगठन (आसेका), रायरंगपुर सहित माझी-पारगाना, मुंडा-मांकी, परहा राजा, डोक्लो सोहोर तथा मयूरभंज और राज्य के विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के नाम छह सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन मयूरभंज जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।ज्ञापन में आदिवासी समुदाय की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक शासन व्यवस्था तथा संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत प्राप्त अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।ज्ञापन में प्रमुख रूप से हिंदू पर्सनल लॉ के तहत आदिवासियों पर दबाव डालकर भूमि अभिलेख के “कॉलम-2” में संशोधन अथवा परिवर्तन की प्रक्रिया तत्काल रोकने, आदिवासियों के पारंपरिक कानून एवं ग्राम शासन व्यवस्था को मान्यता देने तथा दिवंगत आदिवासी महिलाओं के उत्तराधिकारियों के नाम आरओआर में दर्ज होने के बावजूद उन्हें शामिल नहीं किए जाने के मामले का समाधान करने की मांग की गई है।इसके अलावा सरना धर्म कोड प्रदान करने, पेसा कानून के मसौदे में संशोधन, आदिवासियों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से पूरी तरह बाहर रखने, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी त्रुटियों को दूर करने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग भी उठाई गई है।संगठनों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और एनसीईआरटी के ढांचे के अनुरूप ओडिशा राज्य बोर्ड के तहत केजी से +2 तक संताली भाषा को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने तथा तत्काल ओल चिकी लिपि में उच्च माध्यमिक स्तर की पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन करने की मांग की।संगठन के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से इन मूलभूत मांगों पर शीघ्र ध्यान देकर उचित कदम उठाने की मांग की।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।