जीरकपुर। पीरमुछल्ला स्थित ब्लू रिज-2 सोसाइटी में दो फ्लैटों पर करीब 67 लाख रुपये का कर्ज छिपाकर उन्हें 90 लाख रुपये में बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खरीदारों को दोनों फ्लैट लोन फ्री बताए गए और मूल रजिस्ट्री गुम होने की बात कहकर पुलिस की डीडीआर भी दिखाई गई। रजिस्ट्री के बाद कब्जा लेने पहुंचे खरीदारों को दोनों फ्लैटों के दरवाजों पर फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी नोटिस मिले।
शिकायत के अनुसार, पहले चार फ्लैटों का सौदा 1.26 करोड़ रुपये में हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री के समय उन पर बैंक लोन होने का पता चला। रकम वापस करने के बजाय आरोपी ने अपने बेटे और बेटी के नाम दर्ज फ्लैट नंबर 32-सी और 33-सी देने का प्रस्ताव रखा। बाद में दोनों का सौदा 90
लाख रुपये में तय हुआ और रकम लेने के बाद खरीदारों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई।
कब्जे के समय सामने आया कि 32-सी पर करीब 33.03 लाख और 33-सी पर करीब 34 लाख रुपये का कर्ज बकाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रजिस्ट्री गुम नहीं हुई थी, बल्कि बैंक के पास गिरवी थी।
जांच के बाद थाना ढकोली पुलिस ने अरुण पंगोत्रा, चाहना पंगोत्रा और जाहन अनंत पंगोत्रा के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।