गिरीश रघुवंशी ब्यूरो चीफ अशोक नगर
अशोक नगर
जिले में किसानों को नकली खाद परोसने वाले माफिया के हौसले बुलंद हैं। तहसील के बरबाह गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एक निर्माणाधीन मकान से डीएपी खाद की 52 बोरियां जब्त की हैं। जब्त बोरियों पर न तो कंपनी का लॉट नंबर है और न ही कोई वैध पैकिंग विवरण, पैकिंग वर्ष 2025 अंकित है। प्रथम दृष्टया पूरा मामला नकली खाद का प्रतीत हो रहा है।
तहसीलदार की अगुवाई में देर शाम छापा
कलेक्टर को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रविवार देर शाम तहसीलदार कैलाशचंद मालवीय ने राजस्व अमले के साथ छापामार कार्रवाई की। उनके साथ आरआई रामकिशन अहिरवार, पटवारी सखी पाखरे और पुलिस बल मौजूद था। कोटवार और ग्रामीणों से पूछताछ पर पता चला कि यह अधूरा मकान गांव की राजोबाई पति फूल सिंह आदिवासी का है।
टीम ने जब अंदर जाकर देखा तो फर्श पर 52 बोरियां खचाखच भरी रखी थीं। बाजार मूल्य करीब 70,200 रुपये आंका गया है।
ओडिशा कनेक्शन और इफको के नाम पर खेल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बोरियों पर ‘जगत सिंह पुर, ओडिशा’ और ‘भारत डीएपी – इफको’ का मार्का लगा है। एसएडीओ कृषि राजेंद्र भूरिया ने मौके पर ही माना कि बोरियां संदिग्ध हैं। न लॉट नंबर, न बैच कोड, यह पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। प्रशासन ने सभी बोरियां ट्रैक्टर ट्रॉली से मुंगावली तहसील में सुरक्षित रखवाई हैं और सैंपल जांच के लिए ग्वालियर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
महिला बोली – रतभानपुर वाले ने रखवाई
मकान मालिक राजोबाई के पास खुद की एक इंच कृषि भूमि नहीं है। पहले तो वह मुकर गई, फिर सख्ती से पूछने पर बताया कि रतभानपुर गांव के एक व्यक्ति ने उसके मकान का गोदाम की तरह इस्तेमाल किया है। महिला ने दो-तीन नाम भी उजागर किए हैं। पुलिस अब उन नामों की तलाश में जुट गई है।
तहसीलदार मालवीय ने स्पष्ट कहा है – “लैब रिपोर्ट आते ही गड़बड़ी मिलने पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।”
रबी सीजन सिर पर है और किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, ऐसे में माफिया द्वारा इस तरह नकली खाद का भंडारण किसानों की मेहनत पर सीधा डाका है।