अकोदिया।
नगर परिषद अकोदिया के पास स्थायी दशहरा मैदान नहीं होने के कारण हर साल दशहरा पर्व के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है। पिछले कई वर्षों से नगर में रावण दहन का कार्यक्रम कृषि उपज मंडी समिति परिसर में किया जा रहा है, लेकिन हर वर्ष कुछ व्यापारियों द्वारा आपत्ति जताई जाती है। इसी विवाद को सुलझाने के लिए इस वर्ष भी कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय में मंगलवार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
शाम 5 बजे आयोजित इस बैठक में दशहरा मैदान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान कुछ व्यापारियों ने मंडी परिसर में दशहरा आयोजन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मंडी परिसर में उनका अनाज और माल पड़ा रहता है, जिससे आयोजन के दौरान नुकसान की आशंका रहती है।
प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों ने आयोजन के लिए वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार किया। श्मशान घाट के पास की जमीन को भी देखा गया, लेकिन वहां पर्याप्त जगह नहीं होने, आतिशबाजी के लिए सुरक्षा व्यवस्था न होने और पार्किंग की समस्या के कारण उस स्थान को उपयुक्त नहीं माना गया। अंततः सभी पक्षों की सहमति से इस वर्ष भी कृषि उपज मंडी परिसर में ही दशहरा पर्व मनाने का निर्णय लिया गया।
अगले साल से स्टेडियम में होगा रावण दहन
बैठक में मौजूद नगर परिषद सीएमओ कमल सिंह परमार ने बताया कि आज मंडी कार्यालय में दशहरा पर्व को लेकर बैठक रखी गई थी। प्रतिवर्ष मंडी प्रांगण में ही रावण दहन होता है, लेकिन व्यापारियों ने माल पड़े होने का हवाला देकर विरोध किया था। श्मशान के पास जगह देखी गई थी, लेकिन वहां पर्याप्त जगह, आतिशबाजी और पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसलिए इस वर्ष मंडी परिसर में ही दशहरा मनाने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि मंत्री जी द्वारा नगर के लिए स्टेडियम की घोषणा की गई है और कैबिनेट से स्वीकृति भी मिल गई है। अगले साल से रावण दहन स्टेडियम में ही किया जाएगा।
वहीं मंडी सचिव चंद्र सिंह परमार ने कहा कि नगर परिषद को पिछले साल भी मना किया था, हमारी तरफ से मना कर दिया गया था, लेकिन तहसीलदार द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह हमें मंजूर है।
सीएमओ कमल सिंह परमार,भूपेंद्र सिंह राजपूत, शुभम चिडार, गजराज सिंह, सुंदर जी प्रजापति, व्यापारी पंकज गुप्ता, अजय सराफ, मनोहर सराफ, बृजमोहन विजयवर्गीय, अकाउंटेंट सुरेंद्र परमार एवं स्वच्छता प्रभारी कपिल परमार सहित अन्य मौजूद रहे।