उरई(जालौन):
राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में 8वीं वाहिनी एनडी आरएफ की 8(A) टीम द्वारा FAMEx (परिचयात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रम) का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में प्रो. डॉ. प्रेम सिंह, CMS एवं डॉ. प्रशांत निरंजन, चिकित्सा अधीक्षक की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग छात्र-छात्राओं, फैकल्टी स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, नर्सिंग जनरल स्टाफ, वार्ड बॉय, आउटसोर्स स्टाफ एवं सफाई कर्मचारियों को आपदा के समय प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य करने तथा प्राथमिक उपचार की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने प्रशिक्षण के दौरान आपदा से पूर्व तैयारी एवं सुरक्षा उपायों, भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा निकासी अभ्यास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही अग्नि सुरक्षा एवं प्रारंभिक अग्निशमन तकनीक, सर्पदंश की स्थिति में बचाव एवं प्राथमिक उपचार, बाढ़ के दौरान सुरक्षा तथा स्थानीय संसाधनों से तैयार किए जा सकने वाले तैरने वाले उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में CPR, BLS एवं FBAO जैसी जीवनरक्षक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए रक्तस्राव को नियंत्रित करने की तकनीक भी समझाई गई। इसके अलावा स्थानीय संसाधनों से स्ट्रेचर तैयार करने तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने, सड़क दुर्घटना के दौरान तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया, आकाशीय बिजली एवं गरज- चमक से बचाव और डूबने की घटनाओं में अपनाए जाने वाले सुरक्षा एवं बचाव उपायों का भी प्रदर्शन किया गया। FAMEx कार्यक्रम में कुल 415 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें 100 नर्सिंग छात्र-छात्राएं, 25 फैकल्टी स्टाफ, 30 सुरक्षा गार्ड, 100 नर्सिंग जनरल स्टाफ, 75 वार्ड बॉय, 50 आउटसोर्स स्टाफ तथा 35 सफाई कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के कार्मिकों एवं विद्यार्थियों को आपदा अथवा किसी आकस्मिक स्थिति में घबराने के बजाय प्रशिक्षित एवं समन्वित तरीके से राहत, बचाव और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया गया। एनडीआरएफ टीम का यह प्रशिक्षण आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
(अनिल कुमार ओझा, ब्यूरो प्रमुख,ITN news)