बारीपदा।
ओडिशा सूचना अधिकार अभियान (ओसा) की ओर से पूरे जिले में चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत शुक्रवार को मयूरभंज जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना, प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देना और सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
ओडिशा सूचना अधिकार अभियान की मयूरभंज शाखा के वरिष्ठ सदस्य आशीष कुमार बसा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महेश्वर महांति, सुकदेव देहुरी, दयानिधि महांत, उकिल सोरेन, जितेंद्र मारांडी, अभिराम पात्र, लक्ष्मण मुर्मू, लक्ष्मण मारांडी और देव कुमार सहित ओसा के कई सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान सदस्यों ने लोगों के बीच पर्चे वितरित कर भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों तथा सूचना का अधिकार कानून के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने कहा कि भ्रष्टाचार चाहे किसी भी सरकार या राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। भ्रष्टाचार के मामलों में राजनीतिक पक्षपात के बजाय तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए, ताकि जनता का प्रशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
अभियान के तहत पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजेडी) सरकार के कार्यकाल में सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए गए। ओसा के सदस्यों ने मांग की कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार इन आरोपों पर अब तक क्या कार्रवाई कर चुकी है, इसकी तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि पूर्व में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंची है और संबंधित मामलों में क्या कदम उठाए गए हैं।
इसके साथ ही विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। अभियान से जुड़े सदस्यों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानून की जानकारी प्राप्त करें, सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों में भाग लें और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
ओसा के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। सूचना का अधिकार कानून का सही इस्तेमाल करके सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाई जा सकती है और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया जा सकता है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।