- नाम बदलकर बन गया नकली बाबा काली सरकार, तीन साल से तलाश कर रही थी पुलिस,लूट और मारपीट के मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, कुरैचा गांव के मंदिर में लगाने लगा था दरबार।
मऊरानीपुर। हरदोई में लूट और मारपीट के मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज को रविवार को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरदोई से फरार होने के बाद झांसी जिले के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुरैचा गांव के पास स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा था। यहां उसने अपनी पहचान बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के रूप में बना ली और दरबार लगाना शुरू कर दिया। उसके दरबार में सैकड़ों लोग पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था।
2014 और 2018 में दर्ज हुए थे मुकदमे।
पुलिस के अनुसार, प्रदीप शुक्ला पुत्र मायाराम शुक्ला हरदोई जिले के कोतवाली क्षेत्र का निवासी है और थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 में लूट और वर्ष 2018 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इन दोनों मामलों में वह न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। इस पर संबंधित न्यायालयों ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। हरदोई पुलिस करीब तीन साल से उसकी तलाश कर रही थी।
नाम बदलकर बनाने लगा था अपनी पहचान
हरदोई से फरार होने के बाद आरोपी ने मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में अपना ठिकाना बना लिया। उसने सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से बाबा के रूप में पहचान बनाई और लोगों का दरबार लगाना शुरू कर दिया। कुछ समय पहले हरदोई पुलिस को उसके झांसी जिले में होने की जानकारी मिली। जांच के बाद पुलिस ने उसके ठिकाने का पता लगा लिया। रविवार को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
नवरात्र में नौ दिन दरबार बंद रखने की दी थी सूचना
नवरात्र के मद्देनजर काली सरकार ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर नौ दिन तक दरबार बंद रखने की जानकारी दी थी। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन रविवार को ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।