राजगढ़, मध्य प्रदेश।
राजगढ़ की प्रसिद्ध जालपा डूंगरी स्थित मां जालपा देवी मंदिर अपनी प्राचीन धार्मिक मान्यताओं और अनूठी परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखता है। 11 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर से करीब 1100 वर्ष पुरानी आस्था जुड़ी होने की मान्यता है। नवरात्रि के अवसर पर मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर की एक प्रमुख परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। मान्यता है कि इच्छा पूरी होने पर दोबारा मंदिर आकर स्वास्तिक को सीधा किया जाता है। वहीं, विवाह में परेशानी आने पर कुछ परिवार मंदिर में पुजारी से ‘पाती’ निकलवाने की परंपरा का पालन करते हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, ज्वाला नाथ जी की तपस्या से प्रसन्न होकर मां जालपा यहां प्रकट हुई थीं। यह धार्मिक स्थल राजगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।