इंदौर संभाग ब्यूरो चीफ डॉ एस श्रीवास्तव
बदनावर जिला धार से विधायक शेखावत ने कहा किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलना और खेतों में सिंचाई के लिए जूझना विद्युत व्यवस्था की बदहाली को उजागर करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जब किसानों को 24 घंटे में मुश्किल से एक-दो घंटे बिजली मिल रही है, तो फसलों की सिंचाई कैसे होगी? इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने विधायक भंवरसिंह शेखावत के नेतृत्व में एमपीईबी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान विधायक ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नौजवान सड़कों पर उतर चुके हैं, अब आम जनता भी उतरेगी।
विधायक शेखावत ने सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के पीड़ित आदिवासियों के साथ धरने पर बैठने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर हो रहा है और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने और नियमित बिजली देने की मांग की है।
कांग्रेस ने घेराव के बाद राज्यपाल के नाम तहसीलदार सुरेश नागर को ज्ञापन सौंपा। अनियमित बिजली आपूर्ति, अघोषित कटौती, खराब व जले हुए ट्रांसफार्मर और कम क्षमता के ट्रांसफार्मरों के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे फसलों को नुकसान होने के साथ किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
घेराव से पहले विधायक कार्यालय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और एमपीईबी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।