दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़। युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (SBI RSETI), दंतेवाड़ा द्वारा राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ 9 अक्टूबर 2026 को हुआ। कार्यक्रम में कुल 35 प्रशिक्षणार्थी भाग लेकर भवन निर्माण से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल सीख रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को राजमिस्त्री कार्य की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इसमें ईंटों की जुड़ाई, दीवार निर्माण, सीमेंट एवं मसाला तैयार करना, प्लास्टर करना, भवन निर्माण में सही माप एवं स्तर का ध्यान रखना तथा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर उन्हें निर्माण क्षेत्र में कार्य करने के लिए दक्ष बनाना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक संजय कुमार लोहारा द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है। वहीं, संस्थान के फैकल्टी लोकेश कुंजाम प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन एवं प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं। कार्यक्रम के सुचारू संचालन में कार्यालय सहायक रामस्वरूप जोशी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
SBI RSETI दंतेवाड़ा का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करना है। राजमिस्त्री जैसे व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रतिभागियों के लिए भवन निर्माण के क्षेत्र में रोजगार पाने, अनुभवी कारीगरों के साथ काम करने तथा भविष्य में स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
वर्तमान समय में भवन निर्माण के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और गुणवत्तापूर्ण कार्य का विशेष महत्व है। ऐसे में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आवश्यक कौशल सीखने और अपनी आजीविका के नए अवसर तलाशने में मददगार साबित हो सकते हैं।
SBI RSETI दंतेवाड़ा की यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के माध्यम से 35 प्रतिभागी अपने हुनर को निखारने और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।
