जतारा से महेंद्र कुमार दुबे बॉबी की रिपोर्ट
जतारा, टीकमगढ़।
तहसील जतारा क्षेत्र के ग्राम करमोरा निवासी मुकुंदी यादव ने अपने ही पुत्र रहीश यादव पर बिना अनुमति उनके आवासीय मकान का विक्रय पत्र कराए जाने और परिवार को घर से बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने तहसीलदार जतारा को आवेदन सौंपकर मामले की जांच कराने, कथित फर्जी विक्रय पत्र पर रोक लगाने और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, मुकुंदी यादव निवासी ग्राम करमोरा का आरोप है कि उनके छोटे पुत्र रहीश यादव ने उनकी अनुमति के बिना उनके आवासीय मकान का विक्रय पत्र 13 अक्टूबर 2026 को अपने भाई मनोहर यादव के नाम दर्ज करा दिया। आवेदक का कहना है कि उक्त मकान पर उनका स्वामित्व है और विक्रय पत्र तैयार कराए जाने में उनकी सहमति नहीं ली गई।
परिवार को घर से बाहर निकालने का आरोप
आवेदक ने आवेदन में बताया कि कथित विक्रय पत्र के बाद उन्हें, उनकी पत्नी और बड़ी बहू को घर से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बड़ी बहू के पति का पहले ही निधन हो चुका है और वह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं।
मुकुंदी यादव ने आशंका जताई है कि इस विवाद के चलते उनके और परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान में रहने की व्यवस्था दिलाने की मांग की है।
तहसीलदार से जांच और कार्रवाई की मांग
आवेदक ने तहसीलदार से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित फर्जी विक्रय पत्र पर नियमानुसार रोक लगाने अथवा उसे निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने आवासीय मकान में रहने की व्यवस्था दिलाई जाए।
अब देखना होगा कि आवेदन पर राजस्व प्रशासन क्या कदम उठाता है। मामले में संबंधित पक्ष का जवाब और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
