गूंजी (पिथौरागढ़)।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गूंजी पहुंचकर आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की परीक्षा है। कठिन पहाड़ी रास्तों, अत्यधिक ऊंचाई और बदलते मौसम के बीच इस दौड़ में प्रतिभाग करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
गूंजी हेलीपैड पहुंचने पर दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी तथा आईटीबीपी, भारतीय सेना और एसएसबी के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर रं समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री को पारंपरिक पगड़ी ‘बैंटिलो’ और पुरुष परिधान ‘रंगा’ पहनाकर सम्मानित किया गया। पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से रं समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
67 हजार से अधिक इनर लाइन परमिट जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। आयोजन की सफलता के बाद आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों और साहसिक खेलों के प्रति रुचि रखने वाले लोगों का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में इस क्षेत्र के लिए लगभग 36,500 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे, जबकि चालू वर्ष में अब तक यह संख्या 67 हजार से अधिक हो गई है। यह सीमांत क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों और आदि कैलाश की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती पहचान का संकेत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप सीमांत गांवों को देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
सेना और सुरक्षा बलों के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश परिक्रमा रन के सफल आयोजन में भारतीय सेना, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के योगदान की सराहना की। उन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ ऐसे आयोजनों में सुरक्षा बलों का सहयोग सराहनीय है।
साहसिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होमस्टे, पर्यटन गाइड, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं। इससे प्रधानमंत्री के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के उद्देश्यों को भी मजबूती मिलती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ जैसे आयोजनों के साथ एंगलिंग, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और पर्वतारोहण को भी प्रोत्साहित कर रही है। औली, ऋषिकेश, मुनस्यारी और टिहरी जैसे क्षेत्र साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।
माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन करेगी। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक खेलों की संभावनाओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कपिल भट्ट पिथौरागढ़ उत्तराखंड
