बारीपदा, 26 अक्टूबर: ओडिशा के मयूरभंज जिले के बारीपदा शहर में घर के सामने से लापता हुई साढ़े चार साल की बच्ची को पुलिस ने करीब 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में संलिप्तता के संदेह में स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान हरेकृष्ण घोष के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लभपुर के निकट झाटीगड़ा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारीपदा नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 स्थित जमुनादेईपुर में किराये के मकान में रहने वाले बीएसएफ जवान सुनील सोरेन और चांदमणि सोरेन की साढ़े चार साल की बेटी रविवार को सुबह करीब 11:30 बजे घर के सामने बालू के ढेर के पास खेल रही थी। इसी दौरान उसकी मां खाना बनाने के लिए घर के अंदर गईं। कुछ ही देर बाद बच्ची अचानक लापता हो गई।
परिजनों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भंजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया और बच्ची की तलाश शुरू कर दी।इसी बीच सोमवार सुबह करीब पांच बजे मामले में नया मोड़ आया। बताया जा रहा है कि एक युवक बच्ची को उसके घर के पीछे छोड़कर जाने की कोशिश कर रहा था। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया। बरामदगी के समय बच्ची की हालत सामान्य बताई गई है।इस संबंध में बारीपदा के एसडीपीओ प्रभात कुमार मल्लिक ने बताया कि आरोपी युवक बच्ची को साइकिल से देउली तक ले गया था। वहां से एक किराये की गाड़ी के जरिए वह उसे पश्चिम बंगाल स्थित अपने घर ले गया। हालांकि, घर पहुंचने के बाद उसके परिवार के सदस्यों ने बच्ची को साथ लाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद युवक अगले दिन बच्ची को लेकर वापस लौटा। घर के पास बच्ची को छोड़कर जाने की कोशिश के दौरान स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया।दूसरी ओर, पुलिस ने हरेकृष्ण घोष को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची को ले जाने के पीछे उसका क्या उद्देश्य था और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।लंबे समय तक चिंता और आशंका में रहने के बाद बेटी के सुरक्षित लौटने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। बच्ची की तलाश में पुलिस की तत्परता और मीडिया के सहयोग के लिए परिवार की ओर से आभार भी जताया गया है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।
