*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र, के तत्वावधान में नशा-मुक्त बिहार अभियान का संग्रामपुर में समापन
पूर्वी चंपारण के सभी 27 प्रखंडों में चला जागरूकता अभियान, जीविका दीदियों ने लिया अपने गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प
**संग्रामपुर, पूर्वी चंपारण।** प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र, न्यू श्रीकृष्ण नगर, मोतिहारी के तत्वावधान में बिहार को नशा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशा-मुक्त बिहार अभियान का पूर्वी चंपारण जिले के सभी 27 प्रखंडों में सफलतापूर्वक समापन हुआ। अभियान का समापन समारोह संग्रामपुर प्रखंड में आयोजित किया गया, जहां जीविका दीदियों ने अपने गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन नारायणी, मां भवानी एवं राम तीनों सीएलएफ केंद्रों पर किया गया। इस दौरान जीविका दीदियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशा-मुक्त बिहार की शपथ दिलाई गई। शपथ जिला प्रभारी बीके पूनम दीदी ने कराई।
बीके पूनम दीदी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार की खुशहाली, आर्थिक स्थिति और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करता है। नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। जीविका दीदियां अपने गांवों में जागरूकता फैलाकर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दे सकती हैं।
बच्चों को सूखे नशे से बचाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान बीके लालशा बहन ने बच्चों में बढ़ती सूखे नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सुलोशन जैसे नशीले पदार्थों का सेवन बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें। बच्चों के मित्रों, उनकी दिनचर्या एवं व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझें तथा उनके साथ प्रेमपूर्ण संवाद बनाए रखें। बच्चों को सही संस्कार, सकारात्मक वातावरण और उचित मार्गदर्शन देकर नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सकता है।
मोबाइल एडिक्शन से बच्चों को बचाना जरूरी : बीके रागिनी बहन
वहीं, बीके रागिनी बहन ने बच्चों एवं युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य, नींद और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग की समय-सीमा निर्धारित करें तथा उन्हें खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों, आध्यात्मिक चिंतन और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अभिभावकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सही दिशा देना भी जरूरी है।
सभी 27 प्रखंडों में पहुंचा नशा-मुक्ति का संदेश
मीडिया प्रभारी बीके श्याम भाई ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्यों ने पूर्वी चंपारण जिले के सभी 27 प्रखंडों में स्थित जीविका के सीएलएफ केंद्रों पर पहुंचकर नशा-मुक्ति का संदेश दिया और जीविका दीदियों को शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि जीविका दीदियां समाज की सशक्त कड़ी हैं। उनके माध्यम से गांव-गांव तक नशा-मुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सकता है। ब्रह्माकुमारी संस्था और जीविका के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में इनकी रही सहभागिता
इस अवसर पर शिवहर जिले से पधारीं बीके मनीष बहन, रामगढ़वा केंद्र प्रभारी बीके रागिनी बहन, मधुबन केंद्र प्रभारी बीके तृप्ति बहन, बीके मंजू बहन, बीके रंजू बहन, बीके प्रतिमा बहन, बीके शोभा माता तथा मीडिया प्रभारी बीके श्याम भाई सहित अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों की सहभागिता रही।
जीविका दीदियों ने लिया नशा-मुक्त बिहार का संकल्प कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगी तथा अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने नशा-मुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय योगदान देने, नशीले पदार्थों से संबंधित कानूनों का पालन करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रतिज्ञा ली।ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र, न्यू श्रीकृष्ण नगर, मोतिहारी एवं जीविका के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह अभियान नशा-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
रिपोर्ट अमरजीत सिंह
